Adani group Suspend petrochem project

Adani group Suspend petrochem project

Adani group को लगतार लॉस का सामना करना पड़ रहा है, अब जब उनके शेयर दिन-ब-दिन गिर रहे हैं..पिछले महीने, अदानी ग्रुप का मार्केट कैप अपने पीक लेवल से कुछ 71% गिर चूका था…थोड़ा बहुत रिकवरी जरूर किया है इस महीन, लेकिन फिर भी स्थिति काफी गंभीर है… वैसे तो भारत का ये सबसे बड़ा कारोबारी समूह दिखा तो रहा है कि सब कुछ मैनेज हो रहा है, और हम कर रहे हैं… लेकिन एक के बाद एक खबर जो आ रहा हा, वो किसी रेड अलर्ट से कम नहीं…

adani group news

“अदानी ग्रुप ने क्यों बंद किया 34,900 करोड़ का प्रोजेक्ट ?”

तो क्या अदानी ग्रुप अपना 34,900 करोड़ का Green PVC project सच में सस्पेंड करने जा रहा है?

    न्यूज रिपोर्ट के हिसाब से Adani Group ने फिलहाल के लिए अपना 1 मिलियन टन प्रति वर्ष Green PVC project साइड में करने का सोचा है और इस ग्रुप ने पहले से ही अपने सभी सप्लायर और वेंडर को मेल भी भेजा है कि, वो जल्दी से जल्दी सभी एक्टिविटी बंद कर दे ।

 इस रिपोर्ट के आते ही उम्मीद के मुताबिक adani group stocks गिरने लगे… जिसके बाद ग्रुप ने स्पष्ट किया कि, ये प्रोजेक्ट के वित्तीय क्लोजर, वित्तीय संस्थानों के पास पेंडिंग हैं…।

अब इस प्रोजेक्ट की फाइल वहां से सफल होगी या नहीं होगी कुछ पता नहीं, लेकिन अदानी ग्रुप का कहना है कि वो काफी होपफुल है कि अगले 6 महिनो में इस प्रोजेक्ट का क्लोजर उन्हें मिल जाएगा…जिसके बाद वो पूरे जोर शोर मैं कंस्ट्रक्शन का काम शुरू कर देंगे…

Hindenburg  Report के रिपोर्ट के बाद, अदानी को अब आया funding issues

फंडिंग डिले के वजह से इस्स पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट को स्टॉल कर दिया गया… वैसे तो अदानी ग्रुप हमेशा से ही कहती आई है कि हमारे बैलेंस शीट मजबूत है, लेकिन अब लग रहा है कि अदानी ग्रुप को आगे जाके फाइनेंशियल क्राइसिस का सामना पड़ सकता है… जिसके वजह से रिपल इफेक्ट भी क्रिएट हो सकता है, और बिजनेस के साथ-साथ और भी काफी चीज इफेक्ट हो सकता है जिससे शेयर की कीमतें…।

इसके अलावा, अदानी ग्रुप अब वित्तीय संस्थानों के भरोसे बैठे हैं..लेकिन, अभी तो हम सब जानते हैं कि कैसे दुनिया भर के वित्तीय संस्थान खुद ही संकट के तूफान से गुजर रहे हैं… एक हफ्ते में उसके दो टॉप बैंक बैंड हो गए – एसवीबी और सिग्नेचर बैंक। इसके अलावा स्विट्जरलैंड का 166 साल पुराना दूसरा सबसे बड़ा बैंक क्रेडिट सुइस को भी अपना शटर बैंड करना पड़ा… ऐसे महूल मैं जब सभी वित्तीय संस्थान अपने आपको सुरक्षित रखने के कोशिश में है, ये कहना मुश्किल है कि अदानी को उनका आवश्यक राशि मिलेगा भी या नहीं …

वैसे तो अदानी ने हमेशा ही हिंडनबर्ग के आरोपों को नकारा है, लेकिन अगर आगे जाके कुछ भी मुद्दा आया तो ना सिर्फ अदानी ग्रुप बल्की वो वित्तीय संस्थान भी चरणगी जो इनहे फंडिंग करेगा, और अगर ऐसा हुआ..तो दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को इसका बाद -इफेक्ट देखना पड़ेगा…जो अच्छा दृश्य बिलकुल भी नहीं होगा

हाल की घटनाओं को देखते हुए इतना तो अंदाज लगा जा सकता है कि कोई भी बड़ा बिजनेस एम्पायर हो या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस, अंदर ही अंदर कितना खोकला हो रहा है कहां नहीं जा सकता… जब तक की पूरी पिक्चर क्लियर ना हो..

किस्से पता था वो एसवीबी बैंक जो ‘फोर्ब्स अमेरिका के सबसे अच्छे बैंक ट्वीट पर गर्व है कर रहा था, वो इतनी बुरी तरह तरलता संकट मैं था। किस्से पता था कि एक ही दिन में अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक बैंक चलाने वाले की स्थिति में आकार बंद ही हो जाएगा, फिर फिर कांड, भ्रष्टाचार, बिखराव और पिछले कदाचार, 166 साल पुराने बैंक को ही खत्म कर देगा…।

इस्लीए अगर आप रिटेल इनवेस्टर हैं और आप बड़े बिजनेस में, या बड़े बैंक्स में इंवेस्ट करना चाहते हैं, तो बहुत जरूरी है कि आप उन्हें पूरी तरह से एनालिसिस करने के बाद ही इनवेस्ट करें… मौजूदा स्थिति दुनिया भर में काफी ‘डाइसी’ चल रहा है , और ऐसे में अपने आपको आर्थिक रूप से बच्चा के रखने में ही समझ दारी है, फिर चाहे उसके लिए सबसे खराब स्थिति ही क्यों न सोचना पड़े…

अडानी समूह एक बड़ा भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह है, जिसमें बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा, रसद, खनन और कृषि व्यवसाय सहित कई उद्योगों में फैले विविध व्यावसायिक हित हैं। समूह की स्थापना 1988 में गौतम अडानी द्वारा की गई थी और पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है और भारत में सबसे बड़ी कॉर्पोरेट संस्थाओं में से एक बन गई है।

समूह की प्रमुख कंपनी, अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, ऊर्जा, खनन, कृषि व्यवसाय और रसद सहित विभिन्न क्षेत्रों में काम करती है। अदानी पावर भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादन कंपनियों में से एक है, जबकि अदानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन देश की सबसे बड़ी निजी पोर्ट ऑपरेटर है।

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