US Fed Hike Intrest Rate Stock Market News

US Fed Raises Key Intrest Rate

US Fed ने बढ़ाई रेट – देश के मार्केट पर होगा असर”

कुछ समय से US Fed reserves लगतार अपना ब्याज दर बढ़ाते जा रहा है…..और हर बार यूएस के सेंट्रल बैंक ने यही कहा है कि महंगाई से लड़ने के लिए ऐसा करना जरूरी है…इसलीयेई, US Fed reserves का इस बार भी ब्याज दर बढ़ाना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है, लेकिन, सोचने वाली बात ये है कि, फेड ने तब इंटरेस्ट बढ़ाया है, जब यूएस के डू-डू बैंक (सिलिकॉन वैली और सिग्नेचर बैंक) का दिवाली हुआ है, और उस में से एक का तोह मुख्य कारण हाय था, फेड रेट हाइक के वजह से लिक्विडिटी क्राइसिस।

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चलें देखते हैं कितना बढ़ाया है यूएस ने फेड रेट और अब कैसे ये बैंक फेलियर के मामले को हल करने के लिए क्या कर रही है यूएस की सेंट्रल बैंक

इस बार फेडरल रिजर्व ने 0.25% अपना ब्याज दर बढ़ाया है जो अब बढ़कर कुल 5% पर आ गया है…ये बढ़ोतरी ‘9वीं बार बढ़ोतरी’ है और अब जो फेड ब्याज दर है वो 2007 के बाद, अब तक का उच्चतम है…एक साल पहले ये जो 5% है, वो करीब 0% था।

यूएस के सेंट्रल बैंक ने इस बढ़ोतरी के बाद कहा कि दोनो ही बैंक की असफलता काफी अनिश्चित हैं, लेकिन महंगाई अब भी बढ़ी है और इसे उन्हें इस बार भी इंटरेस्ट रेट हाइक का फैसला लिया है…लेकिन, अच्छी बात ये है कि, अब इसके बाद, वो इसे ब्याज दर में वृद्धि आंदोलन को विराम देने का सोच सकते हैं ..

सुनने में ये भी आया ही कि अगर ये दो बैंक फेल नहीं होते तो शायद फेडरल रिजर्व के ब्याज बढ़ोतरी में देरी कर देते , लेकिन बैंक के फेल होने के कारण उन्हें ऐसा किया…

जब फेड चेयर जेरोमे पॉवेल से पूछा गया तो उन्हें SVB को ‘outlier’ कह के, बताया कि अब भी यूएस बैंकिंग सिस्टम काफी लचीला और मजबूत है…लेकिन फिर उन्हें ये भी कहा कि, हाल की विफलता के बाद अब फेडरल रिजर्व, banking regulation aur supervision मैं और भी ध्यान दूंगा।

Fed Rate Increase होते ही यूएस मार्केट्स मैं काफी हलचल देखने को मिला और अब इस्स रेट से इंडियन मार्केट को भी झटका पड़ सकता है

देखते हैं कैसे फेड रेट के बढ़ने का असर भारतीय बाजार में होता है?

जब भी US Fed reserves का ब्याज दर बढ़ता है तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल कर अमेरिकी बाजार में डालते हैं, जिसकी वजह से शेयर बाजार गिरने लगता है लगता है..और भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में भी गिरावत आने लगती है…उदाहरण के लिए , खबर के आते ही निफ्टी50 और सेंसेक्स दोनो ही आज 0.40% नीचे हो गए..और काफी शेयर भी गिरे हैं…

इसके अलावा, फेड रेट के हाइक के बाद आरबीआई भी अपना रेपो रेट बढ़ाने पर मजबूर हो जाता है, जिसका असर सीधा आम आदमी पर पड़ता है… लोन के ब्याज दरें बढ़ने लगते हैं… और फिर मार्केट में कर्ज लेने में भी परेशान होने लगी है …

जी हां, अमेरिका के ब्याज दर में बढ़ोतरी के वजह से देश के मार्केट पर असर होता है, और फिर आम आदमी पर भी….और जिस तरह से मार्केट में 2023 को दूसरा 2008 कहा जा रहा है और बनके फेल हो रही है, मार्केट माई फिर एक बार मंदी का डर ताज़ा हो गया है..और इसी तरह हर आम आदमी को अपने बचत और निवेश को संभल कर रखना जरूरी हो गया है…

The US Federal Reserve, also known as the Fed, is responsible for setting the interest rate in the United States. The interest rate, also known as the federal funds rate, is the rate at which banks can lend or borrow money overnight to meet their reserve requirements. The Fed sets a target for the federal funds rate, which impacts borrowing costs for consumers, businesses, and the government.


The Federal Open Market Committee (FOMC), which is the monetary policymaking body of the Federal Reserve System, meets regularly to determine the appropriate stance on monetary policy. The FOMC sets the federal funds rate target based on its assessment of economic conditions and its outlook for the economy. When the economy is weak, the Fed may lower interest rates to encourage borrowing and stimulate economic activity. Conversely, when the economy is strong and inflation is a concern, the Fed may raise interest rates to cool down the economy and keep inflation in check.


The Fed’s decisions on interest rates have far-reaching implications for the economy and financial markets, including impacting stock prices, bond yields, and foreign exchange rates. As a result, many investors closely monitor the Fed’s actions and statements to gauge the direction of interest rates and adjust their investment strategies accordingly.

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